France President Emmanuel Macron आज से तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंच रहे हैं। यह दौरा 17 से 19 फरवरी तक चलेगा और इसे भारत-फ्रांस संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच ‘होराइज़न 2047 रोडमैप’ पर विस्तृत चर्चा होगी, जो आने वाले दशकों में द्विपक्षीय रिश्तों की दिशा तय करेगा। राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा न केवल कूटनीतिक बल्कि रणनीतिक, तकनीकी और आर्थिक सहयोग को भी नई रफ्तार देने वाली मानी जा रही है।
France President: होराइज़न 2047 रोडमैप और इंडो-पैसिफिक पर फोकस
भारत और France के रिश्ते पहले से ही रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर हैं, लेकिन इस दौरे में भविष्य की साझा प्राथमिकताओं को और स्पष्ट किया जाएगा। ‘होराइज़न 2047 रोडमैप’ के तहत रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और उन्नत तकनीक जैसे क्षेत्रों पर जोर रहेगा। खास तौर पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और मुक्त नौवहन को लेकर दोनों देशों की साझा सोच चर्चा के केंद्र में होगी।
सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा में दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार करेंगे। बदलते भू-राजनीतिक हालात में भारत-फ्रांस सहयोग को मजबूत करना दोनों देशों की प्राथमिकता है। इससे न केवल द्विपक्षीय रिश्ते गहरे होंगे, बल्कि वैश्विक मंच पर भी सहयोग का दायरा बढ़ेगा।
मुंबई और दिल्ली में अहम कार्यक्रम, AI समिट बनेगा खास आकर्षण
राष्ट्रपति मैक्रों और प्रधानमंत्री Narendra Modi मुंबई में ‘इंडिया-फ्रांस इनोवेशन ईयर’ का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। इस पहल का मकसद स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थानों और उद्योग जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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19 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में राष्ट्रपति मैक्रों की भागीदारी भी इस यात्रा का अहम हिस्सा होगी। माना जा रहा है कि इस मंच से AI गवर्नेंस, नैतिक उपयोग और वैश्विक सहयोग को लेकर अहम संदेश दिया जाएगा। यह समिट भारत-फ्रांस तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाने की क्षमता रखता है।
क्यों खास है यह यात्रा
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक राजनीति, तकनीक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर देशों के बीच भरोसेमंद साझेदारियों की जरूरत बढ़ गई है। भारत और फ्रांस दोनों ही लोकतांत्रिक मूल्यों, बहुपक्षीय व्यवस्था और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था के समर्थक हैं। ऐसे में राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा को लंबे समय के लिए रणनीतिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा के बाद रक्षा, ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में नए समझौते और संयुक्त परियोजनाएं सामने आ सकती हैं। कुल मिलाकर, यह दौरा भारत-फ्रांस रिश्तों को नई मजबूती देने और भविष्य के सहयोग की ठोस नींव रखने वाला साबित हो सकता है।
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