फिल्म इंडस्ट्री में एक दिलचस्प अपडेट सामने आया है। Raja Shivaji अपने रिलीज से पहले ही चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह कहानी या कास्ट नहीं, बल्कि इसके दो अलग-अलग वर्जन का रनटाइम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का हिंदी वर्जन मराठी वर्जन से करीब 8 मिनट छोटा होगा। यह बदलाव आमतौर पर द्विभाषी फिल्मों में देखने को नहीं मिलता, जहां दोनों भाषाओं में समान रनटाइम होता है।
Raja Shivaji: हिंदी और मराठी वर्जन में क्या है अंतर?
आमतौर पर जब कोई फिल्म दो भाषाओं में रिलीज होती है, तो उसका कंटेंट और अवधि लगभग समान रहती है। लेकिन इस बार मेकर्स ने हिंदी दर्शकों के लिए थोड़ा अलग एडिट तैयार किया है।
बताया जा रहा है कि हिंदी वर्जन में कुछ सीन को छोटा किया गया है या एडिटिंग के जरिए फिल्म को थोड़ा कॉम्पैक्ट बनाया गया है। इसका उद्देश्य हिंदी ऑडियंस के लिए फिल्म को ज्यादा तेज और एंगेजिंग बनाना हो सकता है। वहीं मराठी वर्जन में कहानी को अधिक विस्तार से दिखाया गया है, क्योंकि इसका मुख्य दर्शक वर्ग महाराष्ट्र से जुड़ा है।फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अलग-अलग दर्शकों के हिसाब से कंटेंट एडजस्ट करना आजकल एक नई रणनीति बनती जा रही है, खासकर तब जब फिल्म पैन-इंडिया रिलीज हो रही हो।
मेकर्स की रणनीति और इसका असर
इस फिल्म का निर्देशन Riteish Deshmukh ने किया है और वह खुद इसमें मुख्य भूमिका भी निभा रहे हैं। उनके साथ Sanjay Dutt और Abhishek Bachchan जैसे बड़े कलाकार भी नजर आएंगे।मेकर्स का यह फैसला इस बात को दिखाता है कि अब फिल्में केवल एक भाषा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग बाजारों के हिसाब से उन्हें ढाला जा रहा है। हिंदी वर्जन को छोटा रखने से थिएटर में ज्यादा शो चलाए जा सकते हैं, जिससे कमाई पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
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इसके अलावा, छोटे रनटाइम वाली फिल्मों को शहरी दर्शक ज्यादा पसंद करते हैं, क्योंकि वे तेज और संक्षिप्त कंटेंट चाहते हैं। यही वजह है कि यह बदलाव बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।
‘Raja Shivaji’ के दो अलग रनटाइम वाला प्रयोग यह दिखाता है कि फिल्म इंडस्ट्री अब दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर नए फैसले ले रही है। अगर यह रणनीति सफल रहती है, तो आने वाले समय में और भी फिल्मों में ऐसा ट्रेंड देखने को मिल सकता है।
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