Bihar News: बिहार में साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। अब बिहार पुलिस महकमे में ADG (अपर पुलिस महानिदेशक) साइबर का नया पद सृजन किया जा रहा है, ताकि साइबर अपराधों पर काबू पाया जा सके। इस नए साल में यह बदलाव बिहार पुलिस को और अधिक प्रभावी और पेशेवर बनाने के लिए किया जाएगा।
साइबर अपराधों में बढ़ोतरी
बिहार में साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। वर्ष 2024 में अब तक राज्य के सभी 40 साइबर थानों में 9,000 से अधिक साइबर अपराध के मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें एटीएम से धोखाधड़ी, फोन से पासवर्ड पूछने जैसी शातिराना ठगी की घटनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, डिजिटल अरेस्ट के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। 320 डिजिटल अरेस्ट के मामलों में 10.5 करोड़ रुपये की ठगी की गई, जिसमें से महज डेढ़ करोड़ रुपये को ठगों के चंगुल से बचाया जा सका है।
ADG साइबर का पद सृजन
बिहार सरकार अब इन बढ़ते साइबर अपराधों पर काबू पाने के लिए ADG साइबर का नया पद सृजन करने जा रही है। इसके साथ ही अन्य कई नए पदों का भी सृजन होगा, ताकि साइबर सेल को और अधिक सक्षम बनाया जा सके। यह कदम साइबर अपराधों को रोकने और दोषियों को पकड़ने में मददगार साबित होगा।
कौन होगा पहला ADG साइबर?
इस फैसले के बाद, बिहार पुलिस मुख्यालय में चर्चा हो रही है कि पहला ADG साइबर कौन होगा। सूत्रों के अनुसार, 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी अमृत राज का नाम सबसे आगे है। वे बिहार पुलिस के साइबर कोषांग के पहले अपर पुलिस महानिदेशक बनने के लिए सबसे योग्य माने जा रहे हैं। हाल ही में, उन्हें बिहार पुलिस के एसटीएफ (विशेष कार्य बल) का प्रमुख भी नियुक्त किया गया था, जो पहले डीजीपी के अधीन था।
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साइबर अपराधों के खिलाफ नीतीश सरकार की ठोस योजना
बिहार में साइबर अपराधियों के खिलाफ नीतीश सरकार अब अधिक गंभीर कदम उठा रही है। नए ADG साइबर के पद के सृजन से राज्य में साइबर अपराध पर काबू पाया जा सकेगा और राज्य पुलिस को तकनीकी दक्षता में और बेहतर बनाया जाएगा।
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